Sunday April 30,2017

आयकर के जांच के दायरे में आने के कारण

Published Sep 04, 2016   विवेक रस्‍तोगी  

कई बार हम लोग सुनते हैं कि फलाना बंदा आयकर के जांच के दायरे में आ गया, तो हमें भी डर लगता है कि कहीं हम भी कुछ गलत तो नहीं कर रहे हैं जिससे हम भी आयकर जाचं के दायरे में आ जाएं। वैसे इसमें डरने वाली बात कुछ नहीं है क्योंकि आयकर जांच के दायरे में अगर आप आ भी जाते हो तो आपको आयकर अधिकारियों को अपनी आय व्यय संबंधित दस्तावेज ही दिखाने होते हैं। हम आपको बताएंगे कि आयकर जांच याने कि स्क्रूटनी में आने के क्या कारण हो सकते हैं, जिससे आप आगे से सावधानी बरतें और सुखी वित्तीय जीवन व्यतीत करें।

आयकर के जांच के दायरे में आने के कारण:

एकदम से आय का बहुत ज्यादा कम होना या आय का बहुत ज्यादा होना आयकर जांच का कारण हो सकता है। तो अपने सारे जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए, जिससे कि आप बता सकें कि वैध तरीके से आय हुई है।

किसी एक वित्तीय वर्ष में आयकर रिटर्न नहीं भरा है तो यह भी आयकर जांच का एक कारण है। अगर आप किसी वित्तीय वर्ष में रिटर्न नहीं भर पाए हैं तो उसका संतुष्टिदायक उत्तर आपके पास होना चाहिए।

बहुत से लोग बैंकों में जमा रकम पर ब्याज और किराये की आय को अन्य आय के अंतर्गत नहीं बताते हैं। किसी भी तरह की आय हो, आयकर रिटर्न में बतानी ही चाहिए।

भूमि-भवन के खरीदने और बेचने या क्रेडिट कार्ड में बहुत अधिक राशि के ट्रांजेक्शन होना भी आयकर जांच का एक कारण हो सकता है।

अगर आयकर रिटर्न में दर्शाया गया टीडीएस और आयकर की वेबसाइट के फॉर्म 26एएस में दर्शाया गए टीडीएस में अंतर है तो भी आप आयकर जांच के दायरे में आ सकते हैं।

(मोलतोल ब्‍यूरो; +91-75974 64665)




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