Wednesday July 26,2017

कमोडिटी वायदा में पोजीशन लिमिट के नियम बदलने की सिफारिश

Published Jun 12, 2017   मोलतोल संवाददाता  

मुंबई। कमोडिटी बाजार में सट्टेबाजी को रोकने एवं ही ग्रुप द्धारा कमोडिटी को कोर्नरिंग कर खेले जाने वाले स्‍ट्टे को रोकने के लिए सेबी की एडवाइजरी कमेटी ने नई सिफारिशें की हैं। इस कमेटी ने अमुक कमोडिटी में आपूर्ति को ध्‍यान में रखते हुए पोजीशन लिमिट तय करने के लिए सेबी को कहा है।

सेबी की कमोडिटीज डेरीवेटिव्‍ज एडवाइजरी कमेटी की बैठक बीते सप्‍ताह में हुई जिसमें इस बारे में सिलसिलेवार चर्चा हुई। इस कमेटी ने बताया कि किसी भी कमोडिटी में आपूर्ति कितनी है, उत्‍पादन, आयात एवं कैरी फारवर्ड स्‍टॉक सहित देखा जाए। यह तय करने के बाद ही लिमिट तय की जाए।
सेबी को की गई सिफारिश में यह भी कहा गया है कि सेबी को एक महीने से भी कम समय के वायदा भी लांच करने चाहिए जिससे हाजिर एवं वायदा बाजार के बीच सही ढंग से संतुलन हो सके। इस तरह कमोडिटी वायदा बाजार में आने वाले दिनों में कुछ परिवर्तन दिखने की संभावना है।

से‍बी की इस बोर्ड बैठक की अध्‍यक्षता चेयरमैन अजय त्‍यागी के आने के बाद पहली बार एवं पिछले छह महीने में भी पहली बार हुई हुई है। बता दें कि वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के 2015 में सेबी के साथ हुए विलय के पश्‍चात इस एडवाइजरी कमेटी का गठन हुआ था। सेबी कमेटी में यह भी चर्चा हुई कि वर्तमान में जो क्‍लायंट लेवल एवं ब्रोकर लेवल है, उसकी लिमिट में काफी अंतर है। जैसे कि गेहूं में ब्रोकर की लिमिट दो लाख टन या मार्केट वाइज पोजीशन में 15 फीसदी है जबकि क्‍लायंट लेवल पर यह पोजीशन 20 हजार टन ही है।

(मोलतोल ब्‍यूरो; +91-75974 64665)




The Forex Quotes are powered by Investing.com.

Commodities are powered by Investing.com

Live World Indices are powered by Investing.com

मोलतोल.इन साइट को अपने मोबाइल पर खोलने के लिए आप इस QR कोड को स्कैन कर सकते है..