Sunday April 30,2017

फिक्सड डिपॉजिट पर पहले जितना ब्याज कैसे कमाएं

Published Jan 15, 2017   विवेक रस्‍तोगी  

जब से मियादी जमा (फिक्‍सड डिपॉजिट) पर ब्याज दर कम हो गई है तब से लोग म्‍युचुअल फंड और शेयर बाजार के बारे में ज्यादा जानने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग जो केवल ब्याज से ही अपना गुजारा कर रहे हैं वे भी अब म्‍युचुअल फंड के बारे में समझना चाहते हैं, जिससे कि उन्हें कम ब्याज का नुकसान अपने जीवन यापन के‍ लिए नहीं करना पड़े। अगर अभी तक किसी के पास 20 लाख रूपए हैं और उन्होंने बैंक में जमा कर रखे हैं, तो सीनियर सिटिजन के तहत शायद अच्छा ब्याज भी मिल रहा होगा, शायद नौ प्रतिशत तक।

अब जब बैंकों के ब्याज दर में भारी कमी आ गई है तो सीनियर सिटिजन के लिए अभी भारतीय स्टेट बैंक की ब्याज दर सात प्रतिशत चल रही है। अगर नौ प्रतिशत की दर से ही हम ब्याज की गणना करें तो साल भर के 1,80,000 रूपयए होते हैं जो कि प्रतिमाह 15,000 रूपए होते हैं, जिस पर 10 फीसदी टीडीएस भी कटेगा यानि कि साल भर का टीडीएस ही लगभग 18 हजार रूपए कट जाएगा तो प्रतिमाह 15 हजार की रकम भी कम हो जाएगी जो कि लगभग 13,500 रूपए होती है। अब जब 7 प्रतिशत ब्याज हो जाएगा तो केवल 1,40,000 रूपए सालभर के मिलेंगे और 11,600 रूपए प्रतिमाह एवं टीडीएस कटने के बाद लगभग 10,000 रूपए। तो यहां बैठे बिठाये आपको लगभग 3500 रूपयों का खर्चा कम करना होगा।

फिक्सड डिपॉजिट की एक और बात यह है कि आपको ब्याज तो मिलता रहेगा लेकिन आपका मूलधन यानि कि 20 लाख रूपए उतने ही रहने वाले हैं, जो कि महंगाई दर की वजह से आने वाले समय में बहुत ही कम हो जाएंगे। इसके लिए अब सीनियर सिटिजन को भी अपनी निवेश की रणनीति बदलनी चाहिए। सरकार ने कहा है कि 8 लाख तक 8 प्रतिशत का फायदा सीनियर सिटिजन को देंगे तो आप 8 लाख रूपए तो फिक्सड डिपॉजिट में ही रखिए और बाकी की रकम को म्‍युचुअल फंड में लगाने के बारे में विचार करिए।

आप अपने बचे हुए 12 लाख रूपयों को किसी अच्छे म्‍युचुअल फंड में लगाएं, इन रूपयों को म्‍युचुअल फंड में एक साथ निवेश न करें, हर माह एक लाख रूपए का निवेश करें तो आपको बाजार के उतार चढ़ाव का फायदा मिल जाएगा और इस तरह 12 माह में आपका पूरा पैसा म्‍युचुअल फंड में निवेशित भी हो जाएगा। ध्यान रखें अगर 12 माह के पहले जब भी आप अपने निवेश में से कुछ रकम निकालेंगे यानि कि कुछ यूनिट बेचकर अपने खर्च के लिये पैसे निकाल रहे हैं तो उस पर हुए लाभ पर शार्ट टर्म कैपिटल गैन टैक्स देय होगा जो कि 15 प्रतिशत है। अगर आप अपने निवेश में से 12 माह के बाद रकम निकालना शुरू करते हैं तो आप लाँग टर्म कैपिटल गैन टैक्स के अंतर्गत आते हैं जो कि आयकर के दायरे में नहीं आता है। क्योंकि 12 माह के बाद निकालने पर होने वाले लाभ पर आयकर में छूट प्राप्त है।

हर माह आपका पैसा अपने आप ही आपके बैंक अकाउंट में आ जाए तो उसके लिए आप SWP यानि कि Systematic Withdrawal Plan का उपयोग करें। जब आप SWP का उपयोग करते हैं तो आयकर की गणना प्रथम निवेश और प्रथम निकास से होती है। इसे FIFO याने कि First In First Out भी कहा जाता है। 12 लाख पर आप लगभग 9 हजार रूपए प्रति माह निकालिये, जिससे आपके मूलधन 12 लाख को भी बढ़ने का मौका मिलेगा, बाजार के रूख पर निर्भर करता है कि हो सकता है कि कुछ समय के बाद आपका यह 12 लाख रूपया बढ़कर 15 लाख रूपया भी हो सकता है। निवेश करने के पहले अपनी जोखिम क्षमता को जरूर परख लें और कोशिश करें कि जितना पैसा आपको अभी तक बैंक से टीडीएस कटने के बाद मिलता था, उतना ही निकालें।

(मोलतोल ब्‍यूरो; +91-75974 64665)




The Forex Quotes are powered by Investing.com.

Commodities are powered by Investing.com

Live World Indices are powered by Investing.com

मोलतोल.इन साइट को अपने मोबाइल पर खोलने के लिए आप इस QR कोड को स्कैन कर सकते है..